सामाजिक सुरक्षा पैंशन

 

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(क). राज्य योजनाएं

वृद्धावस्था पैंशन योजना (Old age Pension Scheme)

उद्देश्य बेसहारा वृद्धों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना ।
पात्रता

ऐसे वृद्ध व्यक्ति जिनकी आयु 60 वर्ष या इस से अधिक है  तथा जिनकी देख रेख/ पालन पोषण का उचित साधन न हो तथा जिनके अव्यस्क बच्चे हो व जिनकी परिवार वार्षिक आय समस्त स्त्रोतों  से 35,000/- रू0 से अधिक न हो ।

अथवा

ऐसे वृद्ध व्यक्ति जिनके परिवार की वार्षिक आय समस्त स्त्रोतों से 35000/-रू0 से  अधिक न हो ।

सहायता
  • 60 वर्ष से  69 वर्ष की आयु  के  पैंशनरों को  850/- रू0 प्रतिमाह
  • 70 वर्ष  या  इससे अधिक  आयु  के  पैंशनरों को 1500/- रू0 प्रतिमाह
प्रक्रिया

निर्धारित प्रपत्र पर पात्र व्यक्ति को अपना प्रार्थना पत्रा सम्बन्धित पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी  या जिला कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होता है। पात्र व्यक्तियों की पहचान सम्बन्धित ग्राम सभा की बैठक में की जाती है तथा  पहचान करके पात्र व्यक्तियों की सूची सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव सहित भेजते है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है।  70 वर्ष से अधिक आयु के प्रार्थी अपने प्रार्थना पत्र सीधे तहसील कल्याण अधिकारी कार्यालय को दे सकते है।

सम्पर्क अधिकारी जिला कल्याण अधिकारी/ तहसील कल्याण अधिकारी ।

दिव्यांग राहत भत्ता (Disability Relief Allowance)

उद्देश्य दिव्यांग व्यक्तियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना ।
पात्रता

ऐसे दिव्यांग व्यक्ति जिन्हें दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार गठित चिकित्सा बोर्ड से 40  प्रतिशत या इस से अधिक  स्थाई दिव्यांगता प्रमाण पत्रा जारी किया गया हो तथा जिनके कोई भी व्यस्क बच्चे  न हो तथा वार्षिक आय समस्त स्त्रोतों  से 35,000/- रू0 से अधिक न हो। चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा जारी दिव्यांगता प्रतिशतता प्रमाण -पत्रा चाहे वह सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार द्वारा विभिन्न  प्रकार की दिव्यांगताओं के मूल्यांकन तथा प्रमाणित करने हेतु जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार बहु- दिव्यांगता 40 प्रतिशत या इससे अधिक प्रमाणित की गई हो, अपंग राहत भत्ता स्वीकृति  हेतु मान्य है। मानसिक रूप से अविकसित व्यक्तियों को तथा 70 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले व्यक्तियों को  बिना किसी आय सीमा के पैंशन प्रदान की जाती है।

सहायता
  • 40  से  69 प्रतिशत दिव्यांगता वाले पैंशनरों को  1000/- रू0 प्रतिमाह
  • 70 प्रतिशत या इससे अधिक दिव्यांगता वाले  पैंशनरों को 1500/- रू0 प्रतिमाह
  • 70 वर्ष  या  इससे अधिक  आयु  के दिव्यांग पैंशनरों को 1500/- रू0 प्रतिमाह
प्रक्रिया

निर्धारित प्रपत्रा पर पात्र व्यक्ति को अपना प्रार्थना पत्र सम्बन्धित पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी  या जिला कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होता है। पात्रा व्यक्तियों की पहचान सम्बन्धित ग्राम सभा की बैठक में की जाती है  तथा  पहचान करके पात्र व्यक्तियों की सूची सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव सहित भेजते है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है। 70 प्रतिशत या इससे अधिक अपंगता वाले प्रार्थी  अपने प्रार्थना पत्रा सीधे तहसील कल्याण अधिकारी / जिला कल्याण अधिकारी कार्यालय को दे सकते है।

सम्पर्क अधिकारी जिला कल्याण अधिकारी/ तहसील कल्याण अधिकारी ।

विधवा/परित्यक्ता/एकल नारी  पैंशन योजना (Pension Scheme for Widow/ Deserted / Single Women)

उद्देश्य विधवा/परित्यक्त/एकल महिलाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना ।
पात्रता

ऐसी महिला जो  विधवा, परित्यक्ता अथवा 45 वर्ष से अधिक आयु की एकल नारी हो तथा जिनकी  देख-रेख / पालन-पोषण का उचित साधन न हो तथा न ही व्यस्क पुत्रा हो व उनकी वार्षिक आय समस्त स्त्रोतो से 35,000/- रू0 से अधिक न हो ।

अथवा

ऐसी विधवा/परित्यकता/एकल नारी जिनके परिवार की वार्षिक आय समस्त स्त्रोतो  से 35,000/- रू0 से अधिक न हो ।

सहायता
  • 1000/- रू0 प्रतिमाह
  • 70 वर्ष  या  इससे अधिक  आयु  की विधवा  पैंशनरों को 1500/- रू0 प्रतिमाह
प्रक्रिया

निर्धारित प्रपत्र पर पात्र व्यक्ति को अपना प्रार्थना पत्र सम्बन्धित पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी  या जिला कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होता है। पात्र व्यक्तियों की पहचान सम्बन्धित ग्राम सभा की बैठक में की जाती है तथा  पहचान करके पात्र व्यक्तियों की सूची सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव सहित भेजते है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्रा तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है।

सम्पर्क अधिकारी जिला कल्याण अधिकारी/ तहसील कल्याण अधिकारी ।

कुष्ठ रोगियों को पुर्नवास भत्ता (Rehabilitation Allowance to Lepers)

उद्देश्य कुष्ठ रोगिया सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।
पात्रता

ऐसे कुष्ठ रोगियों को जो किसी सरकारी/अर्ध सरकारी/ निगमों/ बोर्डो इत्यादि में कार्यरत न हो  तथा स्वास्थ्य विभाग के उपचाराधीन हों को कुष्ठ रोगी पुनर्वास भत्ता प्रदान किया जाता है। भत्ता  प्राप्त करने के लिए आयु तथा आय सीमा लागु नहीं हैै।

सहायता
  • 850/- रू0 प्रतिमाह
  • 70 वर्ष  या  इससे अधिक  आयु  कुष्ठ रोगियों को 1500/- रू0 प्रतिमाह।
  • 70 वर्ष  या  इससे अधिक  आयु  के अपंग  पैंशनरों को 1500/- रू0 प्रतिमाह
प्रक्रिया

कुष्ठ रोगी को भत्ता प्राप्त करने के लिए निर्धारित प्रपत्रा पर आवेदन करना होता है जिसके साथ स्वास्थ्य विभाग से कुष्ठ रोग उपचाराधीन प्रमाण पत्रा संलग्न करना होता है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्रा व्यक्तियों के प्रार्थना पत्रा तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है।

सम्पर्क अधिकारी जिला कल्याण अधिकारी/ तहसील कल्याण अधिकारी ।

ट्रांसजैन्डर पैंशन योजना (Transgender Pension Scheme)

उद्देश्य सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना ।
पात्रता

ऐसे ट्रांसजैन्डर जो स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अधिसूचित राज्य स्तरीय / जिला स्तरीय चिकित्सा बोर्ड द्वारा पहचान किए गए हों, बिना किसी आयु तथा आय सीमा के टाªसजैन्डर पैंशन हेतु पात्रा हैं।

सहायता
  • 850/- रू0 प्रतिमाह।
  • 70 वर्ष या इससे अधिक आयु के ट्रांसजैन्डर पैन्शनरों को 1500/- रू0 प्रतिमाह।
प्रक्रिया

ट्रांसजैन्डर के मामले में  स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अधिसूचित राज्य स्तरीय चिकित्सा बोर्ड द्वारा पहचान सम्बन्धी जारी प्रमाण-पत्र तथा स्वयं घोषित शपथ-पत्र सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताऐं अपने स्तर पर पूर्ण कार्रवाई की जाने उपरान्त प्रार्थना  पत्रों को स्वीकृति हेतु सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है।

सम्पर्क अधिकारी जिला कल्याण अधिकारी/ तहसील कल्याण अधिकारी ।

(ख). केन्द्रीय योजनाऐं

राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम के अन्तर्गत संचालित पैंशन योजनाऐं

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पैंशन योजना (Indira Gandhi National Old Age Pension Scheme)

उद्देश्य वृद्धों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना ।
पात्रता

60 वर्ष से अधिक आयु के वृद्ध जो गरीबी रेखा से नीचे रह रहे चयनित परिवार का सदस्य हो ।

सहायता
  • 60 वर्ष से  79 वर्ष की आयु  के  पैंशनरों को 1000/- रू0 प्रतिमाह (200/-रू0 केन्द्रीय हिस्सा तथा 700/-रू0 राज्य हिस्सा)
  • 80 वर्ष या इससे अधिक आयु के पैंशनरों को 1500/-रू0 प्रतिमाह  (500/-रू0 केन्द्रीय हिस्सा तथा 1000/-रू0 राज्य हिस्सा)
  • (प्रदेश सरकार द्वारा जनवरी, 2018 से 80 वर्ष से अधिक आयु को प्रदान किये जा रहे लाभों हेतु आयु सीमा घटाकर 70 वर्ष की गई है, जिसके दृष्टिगत 70 वर्ष से 80 वर्ष की आयु के बीच जो पैंशनर इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्वावस्था पैंशन प्राप्त कर रहे हैं, उन्हे भी 1500/- रू0 प्रतिमाह  पैंशन प्रदान की जा रही है जिन्हें भारत सरकार द्वारा 200/- रू0 प्रतिमाह केन्द्रीय हिस्सा तथा 1300/- रू0 राज्य सरकार द्वारा राज्य हिस्सा प्रदान किया जा रहा है।)
प्रक्रिया

निर्धारित प्रपत्र पर पात्र व्यक्ति को अपना प्रार्थना पत्र सम्बन्धित पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी  या जिला कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होता है। पात्र व्यक्तियों की पहचान सम्बन्धित ग्राम सभा की बैठक में की जाती है तथा  पहचान करके पात्र व्यक्तियों की सूची सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव सहित भेजते है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्रा तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है

सम्पर्क अधिकारी जिला कल्याण अधिकारी/ तहसील कल्याण अधिकारी ।

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय अपंगता पैंशन योजना (Indira Gandhi National Disability  Pension Scheme)

उद्देश्य दिव्यांगो को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना।
पात्रता
  • 18 से 79 वर्ष तक के अपंग व्यक्ति जो गरीबी रेखा से नीचे रह रहे चयनित परिवार के सदस्य हो ।
  • ऐसे दिव्यांग व्यक्ति जिन्हें दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के अनुसार गठित चिकित्सा बोर्ड से 80 प्रतिशत या इस से अधिक  गम्भीर दिव्यांगता प्रमाण पत्र जारी किया गया हो।
सहायता 1500/-रू0  प्रतिमाह ( 300/- रू0 केन्द्रीय हिस्सा तथा 1200/-रू0 राज्य सरकार द्वारा अपने बजट से प्रदान किए जाते हैं।)
प्रक्रिया

निर्धारित प्रपत्र पर पात्र व्यक्ति को अपना प्रार्थना पत्रा सम्बन्धित पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी  या जिला कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होता है। पात्र व्यक्तियों की पहचान सम्बन्धित ग्राम सभा की बैठक में की जाती है तथा  पहचान करके पात्र व्यक्तियों की सूची सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव सहित भेजते है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र व्यक्तियों के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है।

सम्पर्क अधिकारी जिला कल्याण अधिकारी/ तहसील कल्याण अधिकारी ।

इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पैंशन योजना (Indira Gandhi National Widow Pension Scheme )

उद्देश्य विधवाओं को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना ।
पात्रता

40 से 79 वर्ष की आयु की विधवा जो गरीबी रेखा से नीचे रह रहे चयनित परिवार की  सदस्य हो।

सहायता
  • 1000/- रू0 प्रतिमाह ( 300/-रू0 केन्द्रीय हिस्सा तथा 700/-रू0 राज्य हिस्सा )
  • (प्रदेश सरकार द्वारा जनवरी, 2018 से 80 वर्ष से अधिक आयु को प्रदान किये जा रहे लाभों हेतु आयु सीमा घटाकर 70 वर्ष की गई है, जिसके दृष्टिगत 70 वर्ष से अधिक आयु की पैंशनर जो  इन्दिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पैंशन प्राप्त कर रही हैं, उन्हे भी 1500/- रू0 प्रतिमाह   पैंशन प्रदान की जा रही है जिन्हें भारत सरकार द्वारा 200/- रू0 प्रतिमाह केन्द्रीय हिस्सा तथा 1300/- रू0 राज्य सरकार द्वारा राज्य हिस्सा प्रदान किया जा रहा है।)
प्रक्रिया

निर्धारित प्रपत्र पर पात्र विधवा को अपना प्रार्थना पत्र सम्बन्धित पंचायत अथवा तहसील कल्याण अधिकारी  या जिला कल्याण अधिकारी को प्रस्तुत करना होता है। पात्र विधवाओं की पहचान सम्बन्धित ग्राम सभा की बैठक में की जाती है तथा  पहचान करके पात्र विधवाओं की सूची सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी को प्रस्ताव सहित भेजते है। सम्बन्धित तहसील कल्याण अधिकारी द्वारा पात्र विधवाओं के प्रार्थना पत्र तथा उसमें औपचारिकताएं अपने स्तर पर पूर्ण करवायी जाने उपरान्त प्रार्थना पत्रों को स्वीकृति हेतू सम्बन्धित जिला कल्याण अधिकारी को भेजा जाता है।

सम्पर्क अधिकारी जिला कल्याण अधिकारी/ तहसील कल्याण अधिकारी ।
अंतिम संशोधित तिथि : 05-10-2021
संशोधित किया गया: 05/10/2021 - 14:59
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